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अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी विनीमा धान ने विधायक से मांगा शौचालय, बोलीं- प्लीज बनवा दीजिए?


अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी विनीमा धान ने विधायक से कहा- ‘सर, मेरे घर में शौचालय नहीं है, प्लीज बनवा दीजिए’ 

जूनियर एशिया कप में भारत के लिए जीत चुकी हैं स्वर्ण पदक, सम्मान समारोह में खिलाड़ियों ने विधायक के सामने रखीं अपनी समस्याएं

तोरपा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय महिला हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी विनीमा धान ने अपने घर में शौचालय नहीं होने की समस्या को लेकर तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया से गुहार लगायी है। सम्मान समारोह के दौरान विनीमा ने विधायक से कहा, सर, मेरे घर में शौचालय नहीं है, प्लीज शौचालय बनवा दीजिए।

दरअसल, शुक्रवार को तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया के आवासीय कार्यालय में भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ियों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें जूनियर एशिया कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली विनीमा धान, उनकी साथी खिलाड़ी रोशनी आईंद और अंडर-18 सब-जूनियर एशिया कप में भारतीय टीम को कांस्य पदक दिलाने वाली नीलम तोपनो शामिल हुईं।

कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों ने विधायक के सामने अपने क्षेत्र और परिवार से जुड़ी समस्याओं को रखा।

विनीमा के घर में नहीं है शौचालय

विनीमा धान का घर कर्रा प्रखंड के जरियागढ़ स्थित बांभन टोली में है। उन्होंने विधायक को बताया कि उनके घर में अभी तक शौचालय की सुविधा नहीं है।

मामले की जानकारी मिलने के बाद विधायक सुदीप गुड़िया ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई कराने और जल्द शौचालय निर्माण कराने का भरोसा दिया।

2018 में ODF घोषित होने के बाद भी सामने आया मामला

विनीमा के घर में शौचालय नहीं होने की जानकारी सामने आने के बाद सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वर्ष 2018 में झारखंड को खुले में शौच से मुक्त यानी ODF घोषित किया गया था। इसके बावजूद एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के घर में शौचालय नहीं होना सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर सवाल खड़ा करता है।

रोशनी आईंद के परिवार ने मांगा आवास

सम्मान समारोह के दौरान रोशनी आईंद के माता-पिता ने भी विधायक के सामने आवास की समस्या रखी। उन्होंने बताया कि वे तोरपा प्रखंड के उयूर गुड़िया गांव में रहते हैं और आवास की समस्या से जूझ रहे हैं।

वहीं, नीलम तोपनो ने भी अपनी समस्याओं से विधायक को अवगत कराया। उनके सामने आवास के साथ-साथ सड़क की समस्या भी है।

12 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता मनीष कुमार के अनुसार, संबंधित क्षेत्रों को वर्ष 2018 में ODF घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद यदि किसी घर में शौचालय नहीं बना है, तो लाभुक अपने स्तर से शौचालय का निर्माण करा सकता है।

उन्होंने बताया कि शौचालय निर्माण के बाद लाभुक को 12 हजार रुपये की सहायता राशि देने का प्रावधान है। लाभुकों की मदद के लिए प्रत्येक प्रखंड में को-ऑर्डिनेटर भी नियुक्त किए गए हैं।

खिलाड़ियों की समस्याओं पर अब कार्रवाई का इंतजार

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुकीं इन खिलाड़ियों द्वारा बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सामने रखे जाने के बाद अब प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर है। विनीमा धान के घर में शौचालय, रोशनी आईंद के परिवार के लिए आवास और नीलम तोपनो की सड़क व आवास संबंधी समस्याओं का समाधान कब तक होता है, यह देखने वाली बात होगी।

रिपोर्ट: Saurabh Sagar
The Jan Samachar

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